कुछ खवाईशें अधूरी है कुछ बात भी अधूरी है।। याद है मुझे तेरा वादा, वो मुलाकात भी अधूरी है वो साथ भी अधूरी है।। तुमने कहा, भीगेंगे हम साथ में ये ख्वाब भी अधूरी है।। कुछ रात भी अधूरी है कुछ बात भी अधूरी है।।
कल रात जो आंखें चार हुई दिल से दिल की मुलाकात हुई। लिपटे जो हम एक चादर में फिर बरसात भी मूसलाधार हुई।। पानी बरसा बादल गरजा मुद्दातों बाद ये रात हुई। । कल रात जो आंखें चार हुई दिल से दिल की मुलाकात हुई।।