मुद्दातों बाद ये रात हुई।

कल रात जो आंखें चार हुई
दिल से दिल की मुलाकात हुई।
लिपटे जो हम एक चादर में 
फिर बरसात भी मूसलाधार हुई।।
पानी बरसा बादल गरजा 
मुद्दातों बाद ये रात हुई।
कल रात जो आंखें चार हुई
दिल से दिल की मुलाकात हुई।।

Comments

Popular posts from this blog

कुछ बात भी अधूरी है।